Battle of Galwan Movie Controversy: क्या चीन के लिए गलवान वही बन गई जो पाकिस्तान के लिए धुरंधर थी
क्या चीन के लिए बैटल ऑफ गलवान वही बन गई है जो पाकिस्तान के लिए धुरंधर थी। फर्क इतना है कि तब छटपटाहट कराची, लाहौर, खैबर, पख्तूनख्वा, इस्लामाबाद, एपटा में हो रही थी। इस बार बिलबिलाहट पड़ोसी बीजिंग में हो रही है। एलओसी टू एलएसी हो रही है। बाकी आग वही है। जलन वही है। बेचैनी वही है।
Dhurandhar Effect vs Galwan Trailer Reaction: एलओसी से एलएसी तक बेचैनी
जैसे धुरंधर के नाम से पाकिस्तान के टीवी स्टूडियो गम हो गए थे, वैसे ही बैटल ऑफ गलवान के ट्रेलर ने चीन की नींद उड़ा दी है। वहां ऐसे स्टूडियो नहीं हैं क्योंकि सरकार अलाऊ नहीं करती, लेकिन सरकारी मीडिया जरूर सक्रिय हो गया।
China Angry Over Salman Khan Look: गलवान नहीं, हेयर स्टाइल पर बहस
सबसे हैरान करने वाली बात यह नहीं कि चीन नाराज है, हैरानी इस बात की है कि चीन नाराज किस बात पर है। नाराजगी गलवान पर नहीं, सलमान भाई के हेयर स्टाइल पर है। कोई बाल पर अटक गया, कोई ड्रेस पर, कोई गेम्स ऑफ थ्रोन जैसी पिक्चर बता रहा है। कोई कह रहा है फिल्म रियलिटी नहीं बदलती।
Global Times on Battle of Galwan Film: ट्रेलर से उड़ी नींद
27 दिसंबर को सलमान भाई का बर्थडे था। उसी दिन ट्रेलर रिलीज हुआ। उसके बाद ग्लोबल टाइम्स ने लेख छापा। कह रहा है पिक्चर बना लीजिए लेकिन फैक्ट नहीं बदलेंगे। फिर कह रहा है बना क्यों रहे हो। फिर कह रहा है इससे एलएसी नहीं बदलेगी।
15 June 2020 Galwan Clash Truth: वो रात जो चीन भूलना चाहता है
असल परेशानी पिक्चर नहीं है। परेशानी वो तारीख है। 15 जून 2020। वो रात जब कोई पिक्चर नहीं थी। कोई गाना नहीं था। सलमान भाई नहीं थे। हमारे फौजी थे।
India China Galwan Valley Clash: लाठी, पत्थर और हाथों से लड़ाई
लाठी, डंडे, नुकीले डंडे, पत्थर। अंधेरा। ऊंचाई। नीचे बर्फीली नदी। हिंदुस्तान के 20 सैनिक शहीद हुए। कर्नल बी संतोष बाबू शहीद हुए। दुखद था लेकिन इंस्पायरिंग कहानी भी थी।
China Casualties Galwan: झूठ, चुप्पी और इंटरनेशनल रिपोर्ट
चीन ने पहले कहा कुछ नहीं हुआ। फिर आठ महीने बाद कहा चार मरे। नाम नहीं बताए। ऑस्ट्रेलिया की वेबसाइट द क्लैक्सन, चीनी सोशल मीडिया डेटा और इंडिपेंडेंट रिसर्च में सामने आया कि 38 से 40 सैनिक मरे। कुछ नदी में डूब गए। पोस्ट बाद में हटा दी गई।
Why China Avoids Galwan Debate: मुद्दे से ध्यान हटाने की रणनीति
इसीलिए चीन गलवान पर बहस नहीं कर रहा। सलमान खान की वर्दी, हेयर स्टाइल, हॉलीवुड फैंटेसी पर बात कर रहा है। लेकिन गलवान कोई फैंटेसी नहीं थी। असली जगह थी। असली रात थी। असली लोग थे।
After Galwan India Action: Diplomatic Military Economic Response
गलवान के बाद भारत ने कूटनीतिक, सैन्य और आर्थिक स्तर पर एक्शन लिया। चीनी ऐप्स बैन हुए। इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा। एलएसी पर तैनाती बढ़ी। यह सब पिक्चर की वजह से नहीं हुआ। उस रात की वजह से हुआ।
Final Verdict: Is Battle of Galwan China’s Dhurandhar Moment
इसलिए सवाल वही है। क्या बैटल ऑफ गलवान चीन के लिए धुरंधर बन गई है। शायद हां। क्योंकि जब एक ट्रेलर से सरकारी अखबार सक्रिय हो जाएं, बहस हेयर स्टाइल तक पहुंच जाए और बार-बार कहा जाए कि फिल्म फैक्ट नहीं बदलती, तो डर पिक्चर से नहीं उस फैक्ट से है।
पिक्चर से सीमा नहीं बदलेगी। इतिहास नहीं बदलेगा। लेकिन सच्चाई सामने आ जाएगी। और शायद यही सच चीन को डरा रहा है।
